सब कुछ ठीक ठाक रहा तो इस बार उपखण्ड में दो प्रधान होंगे। इसके लिए देवली, दूनी व नगरफोर्ट तहसील स्तर पर नई ग्राम पंचायतों को लेकर मंथन चल रहा है। देवली तहसील क्षेत्र में आधा दर्जन से ज्यादा नई ग्राम पंचायतें गठन हो सकती है।
उपखंड अंतर्गत वर्तमान में 40 में से एक दूनी नगर पालिका बनने से 39 ग्राम पंचायत है। वर्ष 2011 की जनगणना में जनसंख्या करीब 1.92 लाख है जिसमें अभी लगभग 240 राजस्व ग्राम शामिल है। बीसलपुर को छोड़कर सभी ग्राम पंचायतों की आबादी 3 हजार से अधिक है। ऐसे में राज्य सरकार ने अन्य जिलों व विधानसभा क्षेत्र के राजस्व गांवों का विभाजन किए बिना पंचायतीराज संस्थाओं के पुनर्गठन, पुन: सीमांकन एवं नवसृजन के निर्देश दिए है।
जिसमें 3 हजार जनसंख्या पर एक ग्राम पंचायत है। जिस पर तहसील स्तर पर आई मांगों व सुझावों पर मंथन शुरू किया। देवली तहसील में पुनर्गठन में आधा दर्जन से ज्यादा नई ग्राम पंचायतों की कवायद चल रही है। लेकिन अब राज्य सरकार ने विशेष परिस्थितियों में 15 फीसदी छूट दी है। ऐसे में नए सिरे से ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव बनाए जा रहे है।
सरकार ने 25 ग्राम पंचायतों पर एक पंचायत समिति बनाने की मंशा जताई है। उपखंड क्षेत्र में एक दर्जन से ज्यादा नई पंचायतें बनने पर कुल 50 से ज्यादा ग्राम पंचायतें होगी। अगर पंचायत बढ़ी तो देवली के बाद क्षेत्र में दूसरी पंचायत समिति का गठन भी होगा। जिससे पंचायतों के साथ सीआर, डीआर क्षेत्र के राजनीतिक समीकरण भी नए बनेंगे।
आधा दर्जन को दर्जा मिलने की संभावना
देवली तहसील क्षेत्र में आधा दर्जन से ज्यादा नई पंचायतें बन सकती है जिसमें हिसामपुर, थांवला, मालेड़ा, गांवड़ी, पनवाड़, राजकोट, निवारिया, राजमहल, देविखेड़ा आदि पंचायत क्षेत्रों में बनाई जा सकती है। तहसील अंतर्गत संभावित नई पंचायतों में तितरिया, रामथला, ककोडिया, बिशनपुरा, सिरोही, अम्बापुरा आदि के नाम चर्चाओं में है। कलेक्टर को भेजेंगे प्रस्ताव
उपखंड क्षेत्र में नई ग्राम पंचायतों के लिए मिल रहे प्रस्तावों, सुझावों व आपत्तियों के साथ राज्य सरकार के निर्देशानुसार तहसील स्तर पर कार्य चल रहे है। तय गाइडलाइन के अनुसार नई पंचायतों के प्रस्ताव तैयार करवाकर जिला कलेक्टर टोंक को भेजे जाएंगे।वर्ष 2011 की जनसंख्या व राजस्व ग्रामों की संख्या के चलते कई नई ग्राम पंचायतें बन सकती है।
-मनोज कुमार मीणा, उपखंड अधिकारी देवली।