गेमराराम की वर्ष 2023 में पाकिस्तान से भारत हुई थी वापसी
मृतक गेमराराम भारत-पाक बॉर्डर से सटे कुम्हारों का टीबा गांव का निवासी है। गेमराराम का एक नाबालिग लड़की से प्रेम प्रसंग था। 5 नवंबर 2020 की रात जोधपुर से वह गांव आया था। अपने घर जाने की बजाय प्रेमिका से मिलने से उसके घर चला गया। तभी लड़की के परिजनों उसे देख लिया। गेमराराम घबरा गया और डर के मारे भारत-पाक की सीमा पर बनी तारबंदी पार कर पाकिस्तान चला गया था। फिर पाकिस्तान के रेंजर्स ने उसे पकड़कर जेल में डाल दिया। करीब 28 महीने पाक जेल में रहे गेमराराम को कई यातनाएं भी दी गई। जिसके बाद सजा काट वो 14 फरवरी 2023 को पाकिस्तान से वाघा बॉर्डर होते हुए भारत आया था। मृतक के गांव से भारत-पाकिस्तान सीमा 2 किलोमीटर से ज्यादा दूर नहीं है।
वर्ष 2021 में पॉक्सो एक्ट में दर्ज हुआ था मामला
गेमराराम के खिलाफ बाड़मेर जिले के बिजराड़ा थाने में जनवरी में पॉक्सो एक्ट का मामला दर्ज हुआ था। भारत लौटने के बाद गेमराराम से भारत में संयुक्त जांच एजेंसियों ने पूछताछ की। उसके बाद उसे बिजराड़ा थाना पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने उसे पोस्को एक्ट में गिरफ्तार भी किया था। इस मामले में गेमराराम को जेल जाना पड़ा था। जेल से रिहा होने के बाद पहले वह पालनपुर व हिम्मतनगर में काम करने गया। वहां से एक माह बाद वापस आ गया और करीब एक साल पहले पाली में एक लोहे की फैक्ट्री में कोयले का काम करने लगा था।