हमारा देश संसार का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, विविधता इसकी विशेष पहचान है। कई वर्गीकरण हैं जो पूरे देश में फैला है। विविधता में एकता हमारे देश व संविधान की विशेष पहचान है। इसे हम सबने मिलकर अपने व अपने देश के लिए बनाया है। संविधान की अधोसंरचना हम भारत के लोग से शुरु होती है। इसकी मूल संरचना में लिखा है बिना भेदभाव के सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक लाभ सभी वर्ग को मिले। चुनाव प्रणाली स्वतंत्र व न्यायसंगत समाज के साथ सशक्त राष्ट्र की नीव है। यह बातें पूर्व जस्टिस रोहित आर्या ने बुधवार को नगर के मानस भवन में एक राष्ट्र एक चुनाव टोली के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रव्यापी विचार एवं परामर्श सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि चुनाव व लोकतंत्र राजनीतिक अवधारणा नहीं है, यह हमारे प्रजातंत्र की आधारशिला है। इसमें हम जनप्रतिनिध चुनते हैं। चुनाव जनता की आकांक्षाओं व शासन व्यवस्था की कड़ी है। प्रजातंत्र देश की हार्टबीट है, इसे बचाकर रखना है तो चुनाव के मूल व लोकतंत्र के महत्व को समझना होगा। लोकतंत्र का अर्थ है जनता का शासन, इसमें जनता की आवाज सर्वोपरि है। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष अमिता चपरा, एक राष्ट्र एक चुनाव के जिला संयोजक हर्षवर्धन सिंह, जयसिंहनगर विधायक मनीषा सिंह, जैतपुर विधायक जयसिंह मरावी, राजेश्वर उदानिया, रविकरण त्रिपाठी, सह संयोजक चन्द्रेश द्विवेदी, अन्य वरिष्ठ नागरिक समाजसेवी, भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।