scriptRajasthan: सरकार ने इस नगरपालिका को किया रद्द, ग्रामीणों के टूटे सपने | Rajasthan 12 nagarpalika become a Gram Panchayat big decision of government | Patrika News
सिरोही

Rajasthan: सरकार ने इस नगरपालिका को किया रद्द, ग्रामीणों के टूटे सपने

राज्य सरकार ने करीब चार वर्ष पूर्व गठित नगर पालिका सहित प्रदेश की 12 नगरपालिकाओं को फिर से ग्राम पंचायत बना दिया है।

सिरोहीMar 29, 2025 / 12:25 pm

Lokendra Sainger

cm bhajanlal sharma

CM Bhajanalal Sharma

Sirohi News: राज्य सरकार ने करीब चार वर्ष पूर्व गठित सिरोही जिले की जावाल नगर पालिका सहित प्रदेश की 12 नगरपालिकाओं को फिर से ग्राम पंचायत बना दिया है। इस संबंध में स्वायत्त शासन विभाग ने गुरुवार को आदेश जारी किए हैं। इधर, सिरोही में जावाल नगरपालिका के फिर से पंचायत बनाने को लेकर क्षेत्र के लोगों में निराशा छा गई। हालांकि जावाल कस्बे को सरकार ने दूसरी बार नगर पालिका से ग्राम पंचायत में बदला है।
जानकारी के मुताबिक, जनवरी 2020 में यहां पंचायत सरपंच पद के चुनाव हुए थे। इसके बाद तत्कालीन सरकार ने अगस्त 2020 में पहली बार जावाल को चतुर्थ श्रेणी की नगर पालिका घोषित की थी, लेकिन तीन माह बाद ही नगर पालिका को फिर ग्राम पंचायत बना दिया। इसके बाद कांग्रेस सरकार ने अप्रेल 2021 में ग्राम पंचायत से फिर नगर पालिका बनाई। जिसे अब गुरुवार को फिर से ग्राम पंचायत बना दिया।

फर्जी पट्टों को लेकर चर्चा में रही जावाल पालिका

जावाल ग्राम पंचायत से लेकर नगरपालिका में तब्दील होने तक फर्जी पट्टों को लेकर काफी चर्चा में रही है। पहले पंचायत के समय फर्जी पट्टे उजागर हुए। इसके बाद नगरपालिका के बनने के बाद भी फर्जी पट्टों का खेल उजागर हुआ। नगर पालिका बनने के बाद पंचायत के रिकॉर्ड को लेकर तालाबंदी भी हुई।

आमजन में भी चर्चा

जावाल नगरपालिका को फिर से ग्राम पंचायत बनाए जाने पर स्थानीय लोगों में खासी चर्चा है। कई लोगों ने इसे विकास को लेकर अच्छा कदम बताया, तो कई लोगों ने नाराजगी जताई। हालांकि नगरपालिका बनने के बाद जावाल में सफाई, स्ट्रीट लाइट, गार्डन, फायर फाइट, सीएससी का निर्माण, सीसी रोड सहित कई विकास कार्य हुए हैं।
यह भी पढ़ें

राजस्थान की 12 नगर पालिका रद्द, फिर बनी ग्राम पंचायत; जानें कौन-कौनसी?

कई के चेयरमैन बनने के सपने हुए धूमिल

इधर, जावाल के नगरपालिका बनने के बाद होने वाले चुनावों को लेकर कई लोगों ने चेयरमैन बनने के लिए तैयारी शुरू कर दी थी। सरकार की ओर से फिर से पंचायत बनाने पर उनके सपनों पर पानी फिर गया है।

भाजपा नेताओं ने व्यवसायिक हितों को लिए बनाई पंचायत: लोढ़ा

इधर, पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने इसे जनविरोधी कदम बताते हुए कहा कि जावाल क्षेत्र में कई भाजपा नेताओं व उनके जनप्रतिनिधियों का काफी पैसा जमीनों के धंधे में लगा हुआ है। ऐसे में भू- रूपांतरण करवाने पर उसका शुल्क अदा करना पड़ता है। ग्राम पंचायत होती है ता कौड़ियो के दाम भरकर दूट जाते हैं। इसलिए भाजपा नेताओं ने अपने व्यवसायिक हितों के लिए जिले के तेज गति से बढ़ते जावाल कस्बे को चार साल बाद फिर से पंचायत में बदल दिया।

Hindi News / Sirohi / Rajasthan: सरकार ने इस नगरपालिका को किया रद्द, ग्रामीणों के टूटे सपने

ट्रेंडिंग वीडियो