मास्टर प्लान 2031 लागू
आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) का यह तीसरा मास्टर प्लान है। पहला मास्टर प्लान 1971 में बना, जो 2001 तक प्रभावी रहा। दूसरा मास्टर प्लान 2021 के लिए तैयार किया गया, जिसे 2004 में लागू किया गया था और अब तक प्रभावी है। अब मास्टर प्लान 2031 तैयार किया गया है, जिसे केंद्र सरकार की अमृत योजना के तहत बनाया गया है। यह 1 अप्रैल 2021 को लागू होना था, लेकिन चार वर्षों में तैयार नहीं हो सका। अब शासन ने इसे मंजूरी दे दी है। नए मास्टर प्लान के अनुसार, आगरा विकास प्राधिकरण का क्षेत्रफल 612 वर्ग किलोमीटर हो गया है। इसमें नगर निगम क्षेत्र सहित 163 राजस्व गांव शामिल किए गए हैं। हालांकि, प्रस्तावित सीमा विस्तार में शामिल 78 गांवों को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
ये गांव निगम सीमा विस्तार में शामिल
नगर निगम के सीमा विस्तार के बाद नगर निगम की सीमा में शामिल गांवों को प्राधिकरण के विकास क्षेत्र में शामिल किया गया है। इनमें अलबतिया, बाबरपुर मुस्तकिल, बाईंपुर मुस्तकिल, चमरौली, कहरई, कलाल खेरिया, लखनपुर, मोहम्मदपुर, सुनारी, स्वामी मुस्तकिल, तोरा, अरतोनी, दहतोरा, कलवारी शामिल हैं।
यहां के इतने गांव
आगरा (सदर) तहसील के 133 एत्मादपुर तहसील के 23 किरावली तहसील के 7 गांव नगर निगम सीमा के 42 गांव (इनमें सीमा विस्तार के शामिल गांव 14)
अब एडीए करेगा इन 163 गांवों का विकास
जिन गांवों को विकास प्राधिकरण के विकास क्षेत्र में शामिल किया गया है, वहां अब जिला पंचायत, नगर पंचायत या नगर पालिका परिषद को भवन मानचित्र स्वीकृत करने का अधिकार नहीं होगा। नए मास्टर प्लान के तहत इन गांवों में भवन निर्माण की स्वीकृति केवल आगरा विकास प्राधिकरण देगा। मास्टर प्लान लागू होने के बाद संपूर्ण विकास की योजना इसी आधार पर बनाई जाएगी। विकास प्राधिकरण इन क्षेत्रों में मास्टर प्लान के अनुसार सड़कों, आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों का निर्धारण करेगा। यहां तक लागू होगा नया मास्टर प्लान
फतेहाबाद रोड पर बमरौली कटारा तक, शमसाबाद रोड पर दिगनेर तक, ग्वालियर रोड पर बाद तक, जगनेर रोड पर गामरी तक, फतेहपुर सीकरी रोड पर मिढ़ाकुर तक, बिचपुरी रोड पर अंगूठी तक, मथुरा रोड पर रूनकता तक, हाथरस रोड पर मलूपुर तक, जलेसर रोड पर नादऊ तक और एत्मादपुर रोड पर भागूपुर तक यह मास्टर प्लान प्रभावी रहेगा।