scriptपोकरण: सूखे नल और टैंकरों से पानी खरीदना मजबूरी…. एक दर्जन गांवों में पेयजल किल्लत | Patrika News
जैसलमेर

पोकरण: सूखे नल और टैंकरों से पानी खरीदना मजबूरी…. एक दर्जन गांवों में पेयजल किल्लत

पोकरण ग्रामीण क्षेत्रों में गत कई दिनों से जलापूर्ति व्यवस्था चरामराई हुई है। क्षेत्र के सांकड़ा, खेतासर, विशनगढ़, माधोपुरा, खुहड़ा, सदरासर, अचलपुरा, लूणाकल्लां, लूणाखुर्द, मोतीसर, हीरगढ़ आदि गांवों में गत एक माह से जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

जैसलमेरFeb 26, 2025 / 07:50 pm

Deepak Vyas

jsm
पोकरण ग्रामीण क्षेत्रों में गत कई दिनों से जलापूर्ति व्यवस्था चरामराई हुई है। क्षेत्र के सांकड़ा, खेतासर, विशनगढ़, माधोपुरा, खुहड़ा, सदरासर, अचलपुरा, लूणाकल्लां, लूणाखुर्द, मोतीसर, हीरगढ़ आदि गांवों में गत एक माह से जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही है। सांकड़ा गांव के साथ ही आसपास ही ढाणियों में भी जलापूर्ति नहीं हो रही है। ऐसे में जीएलआर व पशुखेलियां सूखी पड़ी है। ग्रामीणों को महंगे दामों में ट्रैक्टर टंकियों से पानी खरीदकर मंगवाना पड़ रहा है। ऐसे में उन्हें परेशानी हो रही है।

एक माह से व्यवस्था प्रभावित

सांकड़ा क्षेत्र में पोकरण-फलसूंड पेयजल लिफ्ट परियोजना के तहत जलापूर्ति की जाती है। इसके लिए सांकड़ा गांव में पंप हाऊस बना हुआ है। गत एक माह से पंप हाऊस पर नियमित व पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने के कारण गांवों व ढाणियों में व्यवस्था बिगड़ रही है। ऐसे में ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मवेशी का भी हो रहा बेहाल

जलापूर्ति प्रभावित होने के कारण ग्रामीणों के साथ मवेशी का भी बेहाल हो रहा है। पशुकुंड व पशुखेलियां सूख जाने के कारण पशु जंगलों में पानी के लिए भटक रहे है। तापमान बढऩे के साथ ही पानी की खपत व मांग भी बढ़ रही है। सांकड़ा निवासी भूरसिंह राठौड़ बताते हैं कि गत एक माह से जलापूर्ति व्यवस्था बिगड़ी हुई है। ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।इसी तरह हीरगढ़ निवासी झूंझारसिंह बताते हैं कि मौसम में बदलाव के साथ पानी की खपत व मांग बढ़ गई है। जलापूर्ति व्यवस्था बाधित होने के कारण ग्रामीणों के साथ मवेशी को भी पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।

Hindi News / Jaisalmer / पोकरण: सूखे नल और टैंकरों से पानी खरीदना मजबूरी…. एक दर्जन गांवों में पेयजल किल्लत

ट्रेंडिंग वीडियो